यूपी का चुनावी रण

254 views · Published 14 November 2017 · 4:13 · Indexed 21 September 2026

Channel: SwenToday · 2017 · News & Politics

Watch on YouTube

यूपी इन दिनों चुनावी रंग में रंगी हुई है. प्रदेश में होने वाले नगर निकाय चुनावों को लेकर सभी राजनीतिक दल दम ख़म लगाए हुए नजर आ रहे है. जहां एक तरफ योगी सरकार प्रदेश में अपना परचम बरकरार रखना चाहती है. तो वहीं दूसरी तरफ विपक्षी दलो के सामने अपना राजनीतिक अस्तित्व बचाने की चुनौती है। और यही वजह है कि इस बार निकाय चुनाव में सभी पार्टियों ने उम्मीदवारों की लिस्ट जारी करते वक्त जातिगत-समीकरण को पूरी तरह ध्यान में रखा है। अगर हम मेरठ नगर निगम सीट की बात करे तो यहां बीजपी ने कांता करदम पर दाव खेला है तो वहीं कांगेस ने ममता वाल्मिकी को चुनाव में उतार कड़ी टक्कर पैश की है। वहीं गोरखपुर सीट पर बीजेपी ने सीताराम जायसवाल को टिकट दिया है तो सपा ने राहुल गुप्ता को चुनाव में उतारा है। तो ऐसे में आगरा से सपा ने राहुल चतुर्वेदी पर दाव खेला है तो वहीं बीजेपी ने नवीन जैन को आगे किया है। औऱ ऐसी ही कोशिश बीजेपी ने अयोध्या सीट पर ऋषिकेश उपाध्याय के रुप में पेश की है तो समाजवादी पार्टी ने भी गुलशन बिंदु पर विश्वास जताया है। तो वहीं कानपुर सीट पर कांगेस की वंदना मिश्रा के सामने बीजेपी की पर्मिला पांडे है।
ऐसे में आज हम आपको बताएगें की क्या कहता है यूपी का राजनीतिक गणित। अगर वर्ष 2012 के निकाय चुनाव पर गौर करे तो तब प्रदेश की 12 नगर निगमों से 9 पर भाजपा ने अपना कब्जा जमाया था। जबकि एक पर बहुजन समाज पार्टी समर्थित उम्मीदवार और अन्य दो सीटों पर समाजवादी पार्टी समर्थित उम्मीदवारों ने जीत हासिल की थी।

 2012 में बीजेपी ने वाराणसी, लखनऊ, आगरा, गोरखपुर, झांसी, कानपुर, मुरादाबाद, मेरठ और अलीगढ़ में जीत का परचम लहराया था। जबकि इलाहाबाद से बसपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार ने जीत हासिल की थी। तो दूसरी ओर बरेली और गाजियाबाद में सपा समर्थित उम्मीदवारों ने परचम लहराया था।
प्रदेश की प्रतिष्ठित वाराणसी नगर निगम सीट से बीजेपी प्रत्याशी रामगोपाल मोहले ने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी को 62  हजार मतों से हराया था। तो वहीं दूसरी ओर मेरठ नगर निगम सीट से बीजेपी उम्मीदवार हरिकांत अहलूवालिया ने 77 हजार मतों से जीत हासिल की थी।
इसके अलावा लखनऊ नगर निगम सीट पर भाजपा के उम्मीदवार डा. दिनेश शर्मा यानि मौजूदा उप मुख्यमंत्री ने लगातार दूसरी बार विजयी हासिल की थी। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी और कांग्रेस के उम्मीदवार नीरज बोरा को लगभग एक लाख मतों से हराया था।
तो वही आगरा नगर निगम सीट पर भी भाजपा के उम्मीदवार इंद्रजीत आर्य ने बसपा समर्थित उम्मीदवार करतार सिंह को 5000 मतों से पराजित किया था।
इसके अलावा मौजूदा सीएम योगी की कर्म भूमि गोरखपुर में बीजेपी की उम्मीदवार सत्या पांडे ने कांग्रेस के सुरहीता करीम को 80 हजार से अधिक मतों से पराजित किया था।

 जबकि इलाहाबाद की प्रतिष्ठित नगर निगम सीट पर बसपा सरकार के दौरान मंत्री रहे नंदगोपाल नंदी यानि मौजूदा समय में योगी कैबिनेट के मंत्री की पत्नी अभिलाषा गुप्ता नंदी ने बीजेपी उम्मीदवार कमला सिंह को करारी शिकस्त दी थी।
इसके अलावा बरेली सीट से सपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार आईएस तोमर ने जीत हासिल की थीष तो वही गाजियाबाद नगर निगम सीट से भी सपा समर्थित उम्मीदवार सूदन रावत ने बीजेपी प्रत्याशी तेलूराम कम्बोज को कांटे की टक्कर में परास्त कर था।
इन आकड़ो से आप साफ समझ सकते है कि पूर्व में नगर निकाय चुनावों में बीजेपी की स्थिती ज्यादा मजबूत थी। और इस बार प्रदेश में बीजेपी की ही सरकार होने से बड़ा फायदा भी हो सकता है।

More from this channel